Surah Al-Bayyinah in Hindi मदनी सूरह है और इसमें 8 आयतें हैं। कुरान
में यह
सूरह बय्यिनाह
के नाम से 30वें पारा में मौजूद है। यह Surah Bayyinah 98वीं सूरह है।


दोस्तों सूरह बय्यिना (surah bayyinah) शुरू करने से पहले मैं आपको surah
bayyinah यानी lam yakunil के बारे में कुछ छोटी मगर जरूरी बातें बता देना
चाहता हूँ।


Surah-Al-Bayyinah-in-Hindi



मैं आपको सूरह बय्यिना से जुड़ी कुछ Facts बताता हूँ जो हर एक मुसलमान सख्स को पता होनी
चाहिए। फिर हम surah bayyinah in hindi पर चलेंगे।





1. सूरह बय्यिना कुरान पाक का 98 सूरह है।

2. Surah bayyinah में कुल 8 आयतें हैं।
3. Surah bayyinah का मतलब स्पष्ट सबूत है।
4. सूरह बय्यिना कुरान पाक के 3 पारे में मौजूद है।



इतना हमारे लिए काफी है Surah bayyinah (सूरह बय्यिना) को जानने के लिए। तो
चलिए शुरू करते हैं।

    Surah Al-Bayyinah Hindi me Tarjuma Saath




    (सूरह बय्यिनाह हिंदी में)







    बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

    अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम बाला है।

     

    1. लम यकुनिल लज़ीना कफरू मिन अहलिल किताबि वल मुशरिकीना मुन्फक कीना
    हत्ता तअ’ति यहुमुल बय्यिनह


    मुशरिकीन और अहले किताब में जो काफ़िर थे और उस वक़्त वो अपने दिन को
    छोड़ने वाले नहीं थे जब तक उन के पास कोई खुली दलील न आ जाती।


    वह अल्लाह के आखिरी नबी हमारे आका हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैही
    व आलीही वसल्लम का इंतजार कर रहे थे, कि वो आयें और वह लोग दिन लायें





    2. रसूलुम मिनल लाहि यत्लू सुहुफ़म मुतह हरह

    काफिर और मुशरीक अल्लाह पाक की तरफ़ से एक ऐसे रसूल के इन्तजार में थे, जो
    पाक सहीफे पढ़ कर सुनाये।





    3. फ़ीहा कुतुबुन क़य्यिमह

    वो आसमानी किताब जिसमें दुरुस्त और अच्छे अहकाम लिखे हुए हों।




    4. वमा तफर रक़ल लज़ीना ऊतुल किताबा इल्ला मिम ब’अदि मा जा अत्हुमुल
    बय्यिनह


    अहले किताब तो बिना किसी दलील के बात ही नहीं करते थे, और उन्होंने अलग
    रास्ता उसके बाद ही इख्तियार किया जब उनके पास खुली दलील आ गयी।





    5. वमा उमिरू इल्ला लियअ’बुदुल लाहा मुखलिसीना लहुद दीन हुनाफ़ा अ
    वयुक़ीमुस सलाता व युअ’तुज़ ज़काता व ज़ालिका दीनुल क़य्यिमह


    जब कि अहले किताब को सिर्फ यहि हुक्म दिया गया था कि वो एक अल्लाह की
    बंदगी करें और दिन (इस्लाम) को उसके लिए खालिस करके करें और नमाज़ क़ायम
    करें और ज़कात अदा करें और सही मिल्लत का यही दीन है।





    6. इन्नल लज़ीना कफरू मिन अहलिल किताबि वल मुशरिकीना फ़ी नारि जहन्नमा
    खालिदीना फ़ीहा उलाइका हुम शररुल बरिय्यह


    अहले किताब और मुशरिकीन में से जो ईमान नहीं लाये है, वो हमेशा हमेशा
    जहन्नुम की आग में जलते रहेंगे यही लोग सब से बदतर मख्लूक़ माने
    जायेंगे।





    7. इन्नल लज़ीना आमनू अमिलुस सालिहाति उलाइका हुम खैरुल बरिय्यह

    और हाँ बेशक जो लोग ईमान लाये है और उन्होंने नेक काम नेक अमल किये, वही
    सब से बेहतर मख्लूक़ हैं।





    8. जज़ाउहुम इन्दा रब्बिहिम जन्नातु अदनिन तजरी मिन तहतिहल अन्हारु
    खालिदीना फ़ीहा अबदा रज़ियल लाहू अन्हुम वरजू अन्ह ज़ालिका लिमन खशिया
    रब्बह


    उनका इनाम अल्लाह के पास है, वो जन्नत में हमेशा बसे रहेंगे, जहां खूबसूरत
    बगीचे है, जिसके नीचे नदियां बहती है।


    ये सब उनको इसलिए मिला क्यूंकि अल्लाह उनसे खुश हैं और वो अल्लाह से खुश
    रहेंगे, लेकिन ये सब उसी के लिए है, जो अपने रब से डरता है।





    Surah Qariah Hindi Image




    Surah-Qariah-Hindi-Image






    यह भी देखें:- Surah Feel Hindi Me Pdf




    Surah Bayyinah in Hindi Pdf Download




    मेरे प्यारे दीनी भाइयों और बहनों जैसा की आपने ऊपर सूरह बय्यिनाह को
    हिंदी में तर्जुमा के साथ पढ़ा ही होगा। साथ ही साथ आपने
    Surah Al-Bayyinah
    की Hindi Image

    भी देखी होंगी।





    यहाँ हमने Surah Al-Bayyinah Hindi Pdf उपलब्ध करायी है आप
    आसानी के साथ सूरह बय्यिनाह की पीडीऍफ़ को डाउनलोड कर सकते है।





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    Surah Bayyinah Arabic with Urdu Tarjuma




    بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

    شُروع اَللہ کے پاک نام سے جو بڑا مہر بان نہايت رحم والا ہے




    لَمْ يَكُنِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِنْ أَهْلِ ٱلْكِتَٰبِ
    وَٱلْمُشْرِكِينَ مُنفَكِّينَ حَتَّىٰ تَأْتِيَهُمُ ٱلْبَيِّنَةُ


    جو لوگ کافر ہیں (یعنی) اہل کتاب اور مشرک وہ (کفر سے) باز رہنے والے نہ
    تھے جب تک ان کے پاس کھلی دلیل (نہ) آتی





    رَسُولٌ مِّنَ ٱللَّهِ يَتْلُوا۟ صُحُفًا مُّطَهَّرَةً

    (یعنی) خدا کے پیغمبر جو پاک اوراق پڑھتے ہیں




    فِيهَا كُتُبٌ قَيِّمَةٌ

    جن میں (مستحکم) آیتیں لکھی ہوئی ہیں




    وَمَا تَفَرَّقَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَٰبَ إِلَّا مِنۢ بَعْدِ مَا
    جَآءَتْهُمُ ٱلْبَيِّنَةُ


    اور اہل کتاب جو متفرق (و مختلف) ہوئے ہیں تو دلیل واضح آنے کے بعد (ہوئے
    ہیں)





    وَمَآ أُمِرُوٓا۟ إِلَّا لِيَعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ مُخْلِصِينَ لَهُ
    ٱلدِّينَ حُنَفَآءَ وَيُقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَيُؤْتُوا۟ ٱلزَّكَوٰةَ
    وَذَٰلِكَ دِينُ ٱلْقَيِّمَةِ


    اور ان کو حکم تو یہی ہوا تھا کہ اخلاص عمل کے ساتھ خدا کی عبادت کریں
    (اور) یکسو ہو کراورنماز پڑھیں اور زکوٰة دیں اور یہی سچا دین ہے





    إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِنْ أَهْلِ ٱلْكِتَٰبِ وَٱلْمُشْرِكِينَ فِى
    نَارِ جَهَنَّمَ خَٰلِدِينَ فِيهَآ أُو۟لَٰٓئِكَ هُمْ شَرُّ
    ٱلْبَرِيَّةِ


    جو لوگ کافر ہیں (یعنی) اہل کتاب اور مشرک وہ دوزخ کی آگ میں پڑیں گے
    (اور) ہمیشہ اس میں رہیں گے۔ یہ لوگ سب مخلوق سے بدتر ہیں





    إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ أُو۟لَٰٓئِكَ
    هُمْ خَيْرُ ٱلْبَرِيَّةِ


    (اور) جو لوگ ایمان لائے اور نیک عمل کرتے رہے وہ تمام خلقت سے بہتر
    ہیں





    جَزَآؤُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّٰتُ عَدْنٍ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا
    ٱلْأَنْهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًا رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ
    وَرَضُوا۟ عَنْهُ ذَٰلِكَ لِمَنْ خَشِىَ رَبَّهُۥ


    ان کا صلہ ان کے پروردگار کے ہاں ہمیشہ رہنے کے باغ ہیں جن کے نیچے نہریں
    بہہ رہی ہیں ابدالاباد ان میں رہیں گے۔ خدا ان سے خوش اور وہ اس سے خوش۔ یہ
    (صلہ) اس کے لیے ہے جو اپنے پروردگار سے ڈرتا رہا




    Surah Bayyinah in Arabic Image




    Surah-Bayyinah-in-Arabic-Image





    यह भी देखें:- Surah Takasur Hindi Me




    Surah Bayyinah in Arabic Pdf Download




    मेरे प्यारे दीनी भाइयों और बहनों जैसा की आपने ऊपर
    सूरह बय्यिनाह को अरबी में तर्जुमा के साथ पढ़ा ही होगा। साथ ही
    साथ आपने Surah Bayyinah की Arabic Image भी देखी होंगी।





    यहाँ हमने Surah Bayyinah Arabi Pdf उपलब्ध करायी है आप आसानी
    के साथ सूरह बय्यिनाह की पीडीऍफ़ को डाउनलोड कर सकते है।





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    Surah Al-Qariah Mp3 or Audio File Download

    मेरे प्यारे भाइयों और बहनों जैसा की आपने इस पोस्ट में
    सूरह बय्यिनाह को सभी भाषाओं में टेक्स्ट और इमेजेज के जरिये
    पढ़ा ही होगा।
    लेकिन अगर आप सूरह सुनना पसंद करते है, जिससे आपने दिल और दिमाग को
    आराम मिलता है।
    उसके लिये हमने नीचे
    सूरह बय्यिनाह की Mp3
    फाइल डाउनलोड करने का लिंक दिया है। यहाँ से आप आसानी के साथ
    Surah Bayyinah Ki Mp3 को डाउनलोड कर सकते हो।
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    Soorah Bayyinah Ki Tafseer (सूरह बय्यिनाह की तफ़्सीर)

    1 से 4 आयतों में हुज़ूर स.अ. को पैग़म्बर बना कर भेजने की वजह बताई जा रही
    है और वो ये कि जाहिलियत के ज़माने में जो लोग काफ़िर थे, चाहे वो अहले
    किताब में से हों या बुत परस्तों में से, वो उस वक़्त तक अपने कुफ्र से
    बाज़ नहीं आ सकते थे।
    जब तक नबी स.अ. की शक्ल में एक रौशन दलील उनके सामने न आ जाती, तो जिन
    लोगों ने नबी स.अ. की बातों पर खुले दिल से गौर किया वो वाक़ई अपने कुफ्र
    से तौबा करके ईमान ले आये।
    लेकिन जिन की ताबियत में ज़िद और हटधर्मी थी वो इस नेअमत से महरूम रहे।
    सुहुफ़ का मतलब :- क़ुरआन मजीद है।
    मुतहहरह का मतलब: – यानि जो शक शुबहा और ग़लत बयानी से पाक हो यानि
    एक अल्लाह का रसूल जो पाक सहीफे पढ़ कर सुनाये।
    5 नंबर आयत: – नमाज़ कायम करें और ज़कात दें यही अस्ल दीन है जो
    शुरू से चला आ रहा है और इसी बात की तालीम मुहम्मद स.अ. भी देते हैं ये
    बात इस हकीकत को समझाने के लिए काफ़ी थी कि आप स.अ. का नबी होना बरहक़ है।
    6 नंबर आयत: – यक़ीनन अहले किताब और और मुशरिकीन में से जिन्होंने
    अपना कुफ्र अपना लिया वो जहन्नम की आग में जायेंगे जहाँ वो हमेशा रहेंगे,
    और ये लोग सारी मख्लूक़ में सब से बुरे क़रार दिए गए हैं।
    7 नंबर आयत: – और नेक अमल करने वालों को सब से बेहतर मख्लूक़ बताया
    गया, इस से पता चला कि इंसान को अपनी अस्ल के एतबार से फरिश्तों पर भी
    फ़ज़ीलत है।
    8 नंबर आयत: – अल्लाह तआला बन्दों के आमाल से खुश होंगे और बन्दे
    अल्लाह तआला के अता किये गए अजरो सवाब से खुश होंगे।


    Surah Bayyinah ki Fazilat and Benefits




    जैसा कि हम जानते हैं कि कुरान मजीद में मौजूद हर हर्फ़ के माने और फायदे
    हैं, कुरान मजीद में हर बीमारी का इलाज है, हर मुश्किल की वजह और उससे बाहर
    निकलने का तरीका मौजूद हैं।





    इसी तरह Surah bayyinah की भी फज़ीलतें हैं, आइए अब हम
    Surah bayyinah ki fazilat देख लेते हैं।





    No 1. अगर किसी शख्स को पीलिया हो गया है, तो रोज Surah al
    bayyinah को सात मर्तबा पढ़ कर पानी में दम करके पी ले तो उसका पीलिया खत्म
    हो जाएगा।





    No 2. हाजत कुबूल होगी – अगर कोई काम आपका नहीं हो पा रहा या कोई
    परेशानी से आप मुकतला है, तो आप 21 मर्तबा surah bayyinah की तीलावत करें
    और अल्लाह से दुआ मांगे इंशाअल्लाह आपकी हाजत पूरी होगी।





    No 3. जो शख्स रोज़ाना 21 मर्तबा सूरह बय्यिना पढ़ेगा और
    अल्लाह से अपनी इलाके में या खानदान में इज्जत मिले इसकी दुआ करेगा तो उसकी
    इज्जत बढ़ जाएगी।








    Note – इज्जत बढ़ाने के लिए आपको इज्जत वाले काम करने होंगे जिससे आपकी
    इज्जत लोगों के अंदर बने।








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